Uski Yaadon Mein Shayari || उसकी यादों में शायरी

हम ना भूले अभी, और हमारा जिक्र तक ना होगा उसकी बातों में। बहते अश्कों का क्या कहू, मेरी रूह भी सिसकी है उसकी यादों में।

उसकी यादों में, गम-ए-इश्क़ का जहर पी रहे हैं। यार की जुदाई में, बेकसूर आँखों के अश्क बहे हैं।

तड़पती है मेरी जान अकेली तन्हां, उसकी यादों में। लत सी लगी है, अब तो पुकारा करते हैं ख्वाबों में।

इस कदर का है इंतजार, के पलकें बिछी हैं राहों में। नैन-ए-दीदार ना हुए, मिलन होता है उसकी यादों में।

अधूरा रहा प्यार मेरा, शायद उम्र भर का जीना है उसकी यादों में। उसे याद रहू या ना रहू मैं, उसका नाम तो होगा मेरी फरियादों में।

गम-ए-दर्द क्या, अब तो जीना सीख़ लिया उसकी यादों में। नफरत थी शराब से, अब पीना सीख़ लिया उसकी यादों में।

मैंने उसकी यादों में, बड़ी संभाल रखी है हर तस्वीर को। मंजूर ही ना थी मोहब्बत, फिर दोषी कहू क्यों तक़दीर को।

दिल के जख्मों के लिए, मरहम ढूंढते हैं हम उसकी यादों में। शायद ये दर्द कम हो जाये, उसकी तस्वीर ढूंढते हैं आँखों में।