Saddest Shayari in Hindi

आँखें नम होती ना मेरा दिल कभी रोता। मेरे दर्द का अहसास काश उसे भी होता।

माना के बेवफा है यार मेरा, फिर क्यों आँखें एक झलक दीदार चाहती हैं। भूलाया भी ना गया वो बेहया, आज तलक उसकी यादें मुझे तड़पती हैं।

कभी उसे इंतजार था, आज मेरी पलके बिछी हैं उन राहों पर। एक टक देखती हैं, अब रहे ना पलकों के पर्दे मेरी निगाहों पर।

ये कैसी उलझन है, उसके नाम से क्यों बिखर जाता है दिल मेरा। जिसने ना चाहा, उसकी याद में खोया नजर आता है दिल मेरा।

दिल में उतर के देखते तो मेरे दर्द का अहसास होता। तेरी यादों में ही आँखें नम, तेरे लिए ही ये करार खोता।

गुफ्तगू होती है तो सिर्फ तन्हाई से, पूछती है मेरा कुसूर। कभी गुलाब से खिलते थे, आज क्यों नहीं दीखता वो नूर।

क्या रखा है सवाल जवाब में, जब कोई शिकायत ही नहीं। क्यों बूरा माने तेरा, जब तुमको हमसे मोहब्बत ही नहीं।

जख्म छुपाते हैं के कोई ना देखे, ख्वाहिश के कोई देखने वाला होता। मुझे गले लगा के वो बहलाता, जब - जब सिसक के दिल मेरा रोता।