Love Shayari, Hakiqat Ho Ya Fareb 

हकीकत हो या फरेब मेरी आँखों का। जादू सा हो रहा मुझ पर तेरी बातों का। तमन्ना दिल की, अपना सा हो जाये, ये किस्सा ख्वाबों का, देखा आधी रातों का।

मेरे लबों को तेरे नाम की हसरत है। जिंदगी के लिए सिर्फ तेरी जरूरत है। लब्जो में ना सही आँखों से कह दो, तुम्हारे दिल में जो मोहब्बत है।

नहीं पसंद मोहब्बत में मिलावट, चाहो तो दिल से चाहो यार। आँखों का रोना दिल का सिसकना, उससे अच्छा ना करो प्यार।

किसी की नजर ना लगे के दोनों हाथों से छुपा रखा है मोहब्बत को। बड़ी मिन्नतों से पाया है, पलकों के पर्दो में छुपाया है इस इनायत को।

किस्मत की लकीरों में पाया है, फिर क्यों तुझे खोने का डर है। जिंदगी चले ना बिन तेरे, तू है तो जीवन का चलता सफर है।

मेरे लबों को ये कैसी लत लगी, तेरे नाम बिन चैन पाते नहीं। प्यार है या फरेब, तेरे नाम के शिवाय कोई लब्ज आते नहीं।

किया है प्यार तो दिल में मोहब्बत रखना बिना मिलावट की। धोखा जान ले जायेगा, खता ना होगी किस्मत की लिखावट की।

तुम हकीकत हो या फरेब हमारी आँखों का, हम नहीं जानते। तुम्ही जिंदगी तुम्ही दिल की धड़कन, तुम्हे सारा जहां मानते।