Alone Shayari in Hindi, Alone Quotes - Hindi Shayari Web

हम अकेले तब हुए, गैरों संग जब उनके कदमों के निशान देखे। खुद से भरोसा टूटा, जब अपनों को कहते ये कोई अनजान देखे।

कोई खुशबू ना सनम की आहट, घर के झरोखों से तन्हाई का आना जाना है। खुशियों से मेरा कोई वास्ता नहीं, दर्द-ए-गम लिख लिख आंसुओ का बहाना है।

कायनात सजी फिर भी अकेला, पलटा वक़्त ने पासा है। तन्हाई से इश्क़ क्या हुआ, जिंदगी बनी खेल तमाशा है।

रंज-ए-तन्हाई मेरा मुक़द्दर था, फिर शिकवा क्या किसी से। रोके आंसू खुद को पोछने हैं, अब शिकायत ना किसी से।

बेदर्दी हो गई जिंदगी, तन्हाई संग जब से जीना आ गया। बहकते थे मयकदा के बाद, अब हर जाम पीना आ गया।

तेरे सिवा हर कोई है मेरे पास, मगर बिन तेरे तन्हां बहुत अकेले हैं। बिन तेरे तो पवन भी इधर से नहीं गुजरती, बस तन्हाई के मेले है।

तेरे मिलने से रूठ गई थी तन्हाई, तेरे बिछड़ने से मुस्कुराई है। तुझ में फरेब था बहुत, तुझ से लाख सच्च मेरी ये तन्हाई है।

मेरी जिंदगी में लोग बहुत, मगर अपना कोई नहीं ये मलाल रहा। तुझसे परे तो नहीं, फिर अपना ना समझा, तन्हाई का सवाल रहा।