Tuesday, December 6, 2022

गाँव पर शायरी – Village Shayari , Status , Quotes In Hindi

Village Shayari - तेरे शहर की आब-ओ-हवा

तेरे शहर की आब-ओ-हवा में वो बात कहाँ, जो मेरे गांव की है।

लहलाते फूल, जब पवन रुन-झुन गाती, जैसे पायल पांव की है।

Where is that thing in the air of your city, which is of my village.

Flowers swaying, when the wind sings with tears, like anklets of feet.

गाँव पर शायरी

Village Shayari - तेरे शहर में खड़े शीशे के घर,

तेरे शहर में खड़े शीशे के घर, मेरे गांव का घर कच्चा है।

दरियादिली रहती हर घर में, तेरे महल से लाख अच्छा है।

The glass house standing in your city, the house of my village is kutcha.

There is generosity in every house, lakhs is better than your palace.

गाँव पर शायरी

Village Shayari - पंछियों का बसेरा,

पंछियों का बसेरा, दुपहरी का सुकून, बात पीपल की छांव की है।

तेरे शहर की आब-ओ-हवा में वो बात कहाँ, जो मेरे गांव की है।

Birds’ nest, noon’s comfort, it is about the shade of Banyan.

Where is that thing in the air of your city, which is of my village.

गाँव पर शायरी

Village Shayari - मिट्टी की खुशबू से महकता है गांव सारा,

मिट्टी की खुशबू से महकता है गांव सारा,

लहलाती फसल, खिलता है खेत सारा।

उड़ते पंछियों चहक, गोधूलि से बदला आसमान का रंग,

बड़ा खूब होता है नजारा।

The all village smells with the fragrance of the soil,

The crop is blooming, the whole field blooms.

Flying birds chirp, the color of the sky changed from twilight,

The view is great.

गाँव पर शायरी

Village Shayari - मुफलिसी में भी खुद को लुटा दे,

मुफलिसी में भी खुद को लुटा दे, यहां बात ना मोल भाव की है।

तेरे शहर की आब-ओ-हवा में वो बात कहाँ, जो मेरे गांव की है।

Spend yourself in failure too, here it is not a matter of bargaining.

Where is that thing in the air of your city, which is of my village.

गाँव पर शायरी

Village Shayari - चाहे जितने हालात खफा हो,

चाहे जितने हालात खफा हो, ना अनजान कहते हैं।

कभी आना मेरे गांव, मेहमान को भगवान कहते हैं।

No matter how unhappy the situation is, it is not said that unknown.

Sometimes coming to my village, the guest is called God.

गाँव पर शायरी

Village Shayari - बेरुखी तेरे शहर में,

बेरुखी तेरे शहर में, मेहमान नवाजी मुस्कुराती मेरे गांव की है।

तेरे शहर की आब-ओ-हवा में वो बात कहाँ, जो मेरे गांव की है।

Disappointment in your city, the hospitality of my village smiling.

Where is that thing in the air of your city, which is of my village.

गाँव पर शायरी

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