Friday, May 24, 2024
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Urdu Alone Shayari in Hindi: उसने कभी समझा नहीं

Urdu Alone Shayari – उसने कभी समझा नहीं,

उसने कभी समझा नहीं, और मैंने उसे कभी समझाया नहीं।

जाने अनजाने दिल पर दे गया जख्म, मैंने दाग दिखाया नहीं। 

He never understood, and I never explained to him.

knowingly or unknowingly gave a wound on my heart, I did not show the stain

Urdu Alone Shayari – कहीं वो ठुकरा ना दे,

कहीं वो ठुकरा ना दे, इस डर से इजहार-ए-इश्क़ हुआ नहीं।

पास तो हर दफा आये, मगर दिल को उसने कभी छुआ नहीं।

Lest she reject me, there was no expression of love because of this fear.

He came near every time, but he never touched my heart

Urdu Alone Shayari – जब वो मेरी गली से गुजरते हैं,

जब वो मेरी गली से गुजरते हैं, हम उन्हें निहारा करते हैं।

वो मुझसे तौबा ना कर जाये, के इकरार करने से डरते हैं।

When they pass my street, we stare at them.

They are afraid to confess to me lest they repent.

Urdu Alone Shayari – वो पगली अब भी ना समझी,

वो पगली अब भी ना समझी, मेरे दर्द का इलाज करवाती है गैरों से।

मुझे उसकी जरूरत है, और वो मेरी मरहम करवाती है नए चेहरों से।

That crazy girl still hasn’t understood, she gets strangers to treat my pain.

I need her, and she heals me with new faces

Urdu Alone Shayari – बस तन्हां सफर है,

बस तन्हां सफर है, मगर हसरत के कोई हाल तो पूछे।

मेरी आँखे हर दर्द का जबाब देती है, कोई सवाल तो पूछे।

It’s just a lonely journey, but at least ask about the condition of Hasrat.

My eyes answer every pain, ask any question.

Urdu Alone Shayari – जीने की हसरत तो सारी कायनात की है,

जीने की हसरत तो सारी कायनात की है, हम तो बिन उनके मौत मांगते हैं।

एक वक़्त था उनके ख्वाबों के लिए सोते थे, अब तो हर वक़्त जागते हैं।

The whole universe has the desire to live, we ask for death without them.

Once upon a time he used to sleep for his dreams, now he wakes up all the time

Urdu Alone Shayari – वो क्यों रूठ कर गए,

वो क्यों रूठ कर गए, बस ये ही बात मुझे रुला देती है।

जब उसकी याद आती है, दिल के दर्द को भी भुला देती है।

Why did he get angry, this alone makes me cry.

When I remember her, I forget even the pain in my heart

Urdu Alone Shayari – आंसू छलकने दे ना

आंसू छलकने दे ना जो मुझ में अदाकारी है।

खुदा ने बक्सी ये इनायत हर जख्म पर भारी है।

Don’t let the tears flow, which is an actor in me.

This grace that God has given is heavy on every wound

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