Friday, May 24, 2024
HomeLove sadTere Shahar Me Two Line Shayari | तेरे शहर में 2 लाइन...

Tere Shahar Me Two Line Shayari | तेरे शहर में 2 लाइन शायरी

Tere Shahar Me Shayari – लोग तेरे शहर में,

लोग तेरे शहर में, बेबसी का तमाशा बना देते हैं।

खुद को बिखरने ना दिया, बेकसूर को सजा देते हैं।

People make a spectacle of helplessness in your city.

did not allow himself to be scattered, punishes the innocent

Tere Shahar Me Shayari – वक़्त बदल गया,

वक़्त बदल गया, मगर तेरे शहर के लोग अब भी वही हैं।

लिबास इंसान का, मगर इंसानियत ना दिलो में हया रही हैं।

Times have changed, but the people of your city are still the same.

The dress is of a human being, but there is no shame in the hearts of humanity.

Tere Shahar Me Shayari – तू मेरे शहर से रुखसत क्या हुआ

तू मेरे शहर से रुखसत क्या हुआ, यहाँ की आबहवा बदल गई।

बेरुखा सा सब, जो बची राहत की कलिया तेरी यादों में जल गई।

Why did you leave my city, the atmosphere here has changed.

Everything is indifferent, the bud of relief that was left got burnt in your memories.

Tere Shahar Me Shayari – बेगाने शहर में उसे ढूंढ रहे,

बेगाने शहर में उसे ढूंढ रहे, जिसका पता ना हुलिये का नक्श है।

कभी मिले पर्दे में थी सूरत, हाथ हमारे बस उसका एक अश्क है।

Strangers are looking for him in the city, whose address is not known.

Once upon a time the face was in the curtain, our hands are just a tear of it

Tere Shahar Me Shayari – सूरत पर तो पर्दे का राज़ था,

सूरत पर तो पर्दे का राज़ था, उस सीरत ने हमारा हाल बेहाल किया है।

बेगानों का शहर बड़ा, कहाँ ढूँढू राज़सीरत हर पल ने सवाल किया है।

The veil was the secret on the face, that face has made our condition miserable.

The city of strangers is big, where to find the secret of Sirat, every moment has asked questions.

Tere Shahar Me Shayari – उड़ गए वो परिंदे तेरे शहर के,

उड़ गए वो परिंदे तेरे शहर के, जो आंसुओ के बदले मुस्कुराते थे।

कभी कुछ ना माँगा तेरे शहर से, अपना दर्द भी वो छुपाते थे।

Those birds have flown away from your city, who used to smile instead of tears.

Never asked for anything from your city, he used to hide his pain too

Tere Shahar Me Shayari – मुसाफिर थे तेरे शहर के,

मुसाफिर थे तेरे शहर के, अब दोबारा ना तेरे शहर का सफर होगा।

बेहयाओं ने बसाया है ये शहर, यहाँ ना वफ़ाओं का समंदर होगा।

I was a traveler of your city, now I will not travel to your city again.

This city has been built by shameless people, there will be no sea of loyalty here

Tere Shahar Me Shayari – मेरी गली कूचे से वो रुखसत हो गए,

मेरी गली कूचे से वो रुखसत हो गए, जाने क्यों मेरा शहर ना राश आया।

हमने तो वफ़ा भरी थी उनके दामन में, फिर मेरा मुस्कुराना क्यों ना भाया।

They left my street, don’t know why my city didn’t prosper.

We had faith in his bosom, then why didn’t I like to smile

अधूरी मोहब्बत शायरी इन हिंदी Adhuri Mohabbat Shayari in Hindi

RELATED ARTICLES

Most Popular