Tuesday, December 6, 2022

Alfaaz Shayari in Hindi English | अल्फ़ाज़ शायरी

Alfaaz Shayari - अल्फाज़ो की इनायत तो जिन्दा हैं,

उसकी बेवफाई में कलम ना नसीब होती, तो ओढ़े कफ़न होते।

अल्फाज़ो की इनायत तो जिन्दा हैं, नहीं तो कब्र में दफन होते।

If he had not had the pen in his infidelity, he would have covered the shroud.

Alfazo’s grace is alive, otherwise, he would have been buried in the grave.

alfaaz shayari

Alfaaz Shayari - वो मुझे मुर्दा समझ रहे हैं,

वो मुझे मुर्दा समझ रहे हैं, पर मुझे रखा मेरे अल्फाज़ो ने जिन्दा है।

उसकी बेवफाई का गम नहीं, दर्द तो मोहब्बत का अधूरा किस्सा है।

They are thinking of me as dead, but my alpha has kept me alive.

There is no sorrow of his infidelity, pain is an incomplete story of love.

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Alfaaz Shayari - कब के बिखर गए होते

कब के बिखर गए होते, बस ये अल्फ़ाज़ हैं जो मुझे संभाले हुए हैं। 

अल्फाज़ो के सहारे जिन्दा हैं, जबकि यार को बिछड़े ज़माने हुए हैं।

When I would have been shattered, it is only these alphabets that are holding me.

Are alive with the help of alphazo, while the man has been separated.

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Alfaaz Shayari - वो क्या अल्फ़ाज़ों की कीमत लगाएंगे।

किसी के जज्बात ना समझे जिसने, वो क्या अल्फ़ाज़ों की कीमत लगाएंगे।

जिस दिन मेरे लब्जो की गहराई में उतर गए, खुदा कसम नीलम हो जायेगे।

Do not understand the feelings of anyone, who will put the price of their words.

The day I got down into the depths of my lips, God would swear to be sapphire.

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Alfaaz Shayari - किसी की आँखे कह देती हैं

किसी की आँखे कह देती हैं दिल का हाल, किसी के लब्ब बयां कर देते हैं।

बेसक कोई अल्फ़ाज़ समझे इसे, हम कोरे पन्ने पर दर्द-ए-दिल भर देते हैं।

Someone’s eyes tell the condition of the heart, someone’s love tells.

Because someone understands the alphabet, we fill the pain-e-dil on the blank page.

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Alfaaz Shayari - मोहब्बत है या इबादत है,

मोहब्बत है या इबादत है, जिक्र उसका रहा है मेरे हर अल्फ़ाज़ में।

मीलो के फासले दरमियाँ, मगर हर पल उसकी छवि देखि साथ में।

Whether it is love or worship, it has been mentioned in my every word.

The distance of miles in between, but every moment sees his image together.

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Alfaaz Shayari - वो अलफ़ाज़ पढ़ते रहे।

लब्ब कभी कह ना पाए, और वो हाल चाल पूछते रहे।

हम शायरी में दर्द लिखते रहे, वो अलफ़ाज़ पढ़ते रहे।

Lips could never say it, and he kept asking about his condition.

We kept writing pain in poetry, he kept reading the alphabet.

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Alfaaz Shayari - वो अक्सर पूछते हैं,

वो अक्सर पूछते हैं, बताओ कितनी है मुझसे मोहब्बत।

कैसे कहू मेरे अल्फ़ाज़ अधूरे रहते हैं, बिन तेरी इबादत।

They often ask, tell me how much love is with me.

How can I say that my words remain incomplete without your worship?

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