Saturday, March 2, 2024
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Aadat Shayari In Hindi English |आदत पर शायरी

Aadat Shayari – दर्द-ए-दिल छुपाने की।

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वो कहते हैं आदत है मेरी हसने हँसाने और मुस्कुराने की।

पर कैसे कहे के ये तो अदा है मेरी दर्द-ए-दिल छुपाने की।

They say that I have a habit of laughing and smiling.

But how to say that this is a tribute to hide my pain and heart.

Aadat Shayari – वो कहते हैं भूला दो मुझे,

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वो कहते हैं भूला दो मुझे, पर कैसे कहू के तुम मेरी आदत बन गए हो।

साँस छूटे जिंदगी रूठे, अब मुमकिन नहीं के मेरी इबादत बन गए हो।

They say forget me, but how can I say that you have become my habit.

My life became dry, it is not possible now that it has become my worship.

Aadat Shayari – कैसे कहु इश्क-ए-मोहब्बत,

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कैसे कहु इश्क-ए-मोहब्बत, इतना समझ लो के तुम मेरी आदत हो।

हर रोज जो मैं खुदा से मांगू, तुम मेरी वो पहली पहली इबादत हो।

How to say Ishq-e-Mohabbat, understand that you are my habit.

Every day that I ask God, you are my first prayer.

Aadat Shayari – अक्सर मुझे देख कहते हैं लोग,

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अक्सर मुझे देख कहते हैं लोग, बड़ी खूब मुस्कुराने की आदत है।

ये राज की बात कैसे कह दू, के ये तुम्हारे ख्यालों की इनायत है।

Often people look at me and say, I have a habit of smiling a lot.

How can I say about this secret, that it is the grace of your thoughts?

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Aadat Shayari – भूलना चाहूं तो भी ना भूलू,

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भूलना चाहूं तो भी ना भूलू, तुम मेरी कोई ऐसी आदत बन जाओ।

ख्यालो से निकल कर, तुम मेरी जिंदगी की हकीकत बन जाओ।

Even if I want to forget, don’t forget, you become such a habit of mine.

Come out of my thoughts, you become the reality of my life

Aadat Shayari – यूँ तो आदत ना थी

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यूँ तो आदत ना थी मुझे बेवजह मुस्कुराने की, मगर आजकल मांजरा कुछ और है।

जब से तुम मिले हो, समझ ना आया ये मेरी आदत बन गई या मुस्कुराने का दौर है।

Although I was not used to smiling unnecessarily, but nowadays Manjra is something else.

Ever since I met you, I don’t understand whether it has become my habit or it is time to smile.

Aadat Shayari – इकरार-ए-इश्क़ की जरूरत नहीं,

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इकरार-ए-इश्क़ की जरूरत नहीं, बस मुझे अपनी आदत बना लेना।

लब्ब कहें या ना कहें, बस मुझे अपनी झील सी आँखों में बसा लेना।

No need for Iqrar-e-Ishq, just make me a habit.

Say it or not, just settle me in your eyes like a lake.

Aadat Shayari – बेहाल कर देती है मुझे,

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बेहाल कर देती है मुझे, ये तेरी पलकें झुका के शर्माने की आदत।

तुझसे एक पल भी जुदा होने दे ना मुझे, तेरी मुस्कुराने की आदत।

It hurts me, this habit of being shy by bending your eyelids.

Don’t let me be separated from you even for a moment, your habit of smiling.

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