तुमने क्या ली ये क़सम

मै तेरी चाहतो का प्यासा सनम।

रूठी हो क्यू , तुमने ली क्या ये कसम।

यू तेरा मुँह फेर लेना बेवजह नाराज़ होना।

सहा जाये ना मुझसे एक पल को तुझे खोना।

ये तेरी खामोशियाँ कर देती हैं आँखे नम।

रूठी हो क्यू ……………………………..

तेरा कहना मेरा सुनना ,बहुत याद आता है तेरा हंसना।

लत लगी है तेरी मुझे, भाये ना तन्हा आहें भरना।

एक पल की जुदाई निकाल देती है मेरा दम।

रूठी हो क्यू ……………………………..

खफ़ा होके ना सताया करो, यूं दूर मुझसे ना जाया करो।

याद आने से पहले ,हमदम मेरे तुम आया करो।

बहुत हुआ रूठना मानना करलो अब रहम।

रूठी हो क्यू ……………………………..

गर खता हुई तो सजा दो, पर अब मान जाओ।

कुछ तो कहो यार यु खामोश रहके ना सताओ।

तोड़ के चुपी अब निभा लो वफ़ा की रश्म।

रूठी हो क्यू ……………………………..

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