Sad Shayari | Latest Sad Status | Top Sad Shayari टूट जाता है ऐतबार ,

टूट जाता है एतबार, रह जाता है एतराज।

कोई ना किसी का, ये पहचाना है आज।

बहुत तकलीफ होती है, जब यकीं टूटके बिखरता है।

छुरियों के घाव भरते देखे हैं, बातों का घाव ना भरता है।

काँप उठता है इंसान जब कोई अपना वार करता है।

तड़प उठती है रूह सदमे से दिल दहलता है।

अकसर टूटते देखे हैं, जब नशीब होता है नाराज़।

टूट जाता है एतबार ………………………………..

किसी की लगी बुझाने चले थे, खुद को जला बैठे हैं।

सड़क से उठा के अपना बनाया, खुद के ख़फ़ा बैठे हैं।

कुछ पा ना सके हम, और सब कुछ गवा बैठे हैं।

उनकी खुशियों की खातिर, खुद को मिटा बैठे हैं।

दिल को झंझोड़ रहा है, जो था कभी राज़।

टूट जाता है एतबार ………………………………..

Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *