Category: Maa

माँ से बड़ा ना कोई वफ़ादार है

ज़िंदगी भी दे जाये धोखा ,माँ से बड़ा ना कोई वफ़ादार है। हर कोई पहचान ने को इंकार कर दे, एक माँ दावेदार है। सब कुछ किया है, सब कुछ करती है। जरा देर हुई के औलाद के आने की राह तकती है। ख्यालो में खो के ,कभी सहमती है, कभी डरती है। जब तक […]

ना दौलत चाहिए

ना दौलत चाहिए, ना चाहिए मुझे शौहरत। कोई ना चाहत मुझे सिर्फ है मेरी माँ की जरुरत। माँ है तो सब कुछ वरना कुछ भी नहीं है। जिसे मेरे दर्द का अहसास है, एकलौती वही है। मेरी एक मुस्कान के लिए, हजार तकलीफ़ उठा के पाती थी राहत। कोई ना चाहत मुझे………………………. मैं रूठता था […]

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