Coronavirus Hindi Shayari

corona

वाह रे ज़माने ये क्या हो रहा है, कोई महँगाई को, कोई बीमारी को रो रहा है।

हर कोई कोरोना के कहर का मारा, होश हवाश हर इंसान आज खो रहा है।

कैसी ये बेसुधी कैसा ये नशा है, क्यू ना रहम कहीं कैसी ये सज़ा है।

टूट जाते हैं दिल बेरहमी से, covid-19 का दौर जीने में ना मज़ा है।

वाह रे ज़माने ये क्या हो रहा है, कोई झूठमूठ हंस रहा तो कोई रो रहा है।

हर कोई कोरोना के कहर का मारा ……………………………………………..

corona

जग घूम लिया सारा , चैन सुकूं से ना किसी को पाया।

कोई था ज़माने का रुलाया, कोई covid-19 का सताया।

किसी को अपनों ने सताया, किसी को नशीब ने हराया।

ये क्या हो रहा है, किसी ने भी ना मुझे समझया।

वाह रे ज़माने ये क्या हो रहा है क्यू कोई एक दूसरे की राहों में कांटे बो रहा है।

हर कोई कोरोना के कहर का मारा ……………………………………………..

ये कैसी ज़िंदगी जो शर्तों पर जीनी पड़े।

जिसे देखो वो तनो के तीर लिए खड़े।

हर किसी को हर किसी से तकलीफ बहुत,

ऐसे में कोरोना जैसी महामारी से कैसे लड़े।

वाह रे ज़माने ये क्या हो रहा है, देख बदली ज़माने की, क्या कहने को रहा है।

हर कोई कोरोना के कहर का मारा ……………………………………………..

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